बाहुबली अतीक अहमद मामला: प्रशासनिक अधिकारियों पर भी आ सकती है जांच की आंच

देवरिया लाईव ■ जिला जेल में बाहुबली अतीक अहमद द्वारा रियल एस्टेट कारोबारी की पिटाई के मामले की जांच सीबीआइ ने शुरू कर दी है। इसमें जेल कर्मियों के साथ ही कुछ प्रशासनिक अधिकारियों पर भी जांच की आंच आ सकती है। कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के भी बयान सीबीआइ ले सकती है। जांच शुरू होते ही जेल कर्मियों में हड़कंप मच गया है और उनके चेहरे पर भय का लकीरें साफ दिख रही हैं।

तब सीबीआइ जांच की नौबत नहीं आती

उल्लेखनीय है कि 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी सुजीत कुमार व पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय के नेतृत्व में देवरिया जेल में बड़ी कार्रवाई की गई थी। उस दौरान मोबाइल, पेन ड्राइव समेत अन्य संदिग्ध सामान अतीक के बैरक से मिले थे। जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखा और अतीक को अन्य जेल में शिफ्ट करने की बात कही, लेकिन जिलाधिकारी के पत्र को संज्ञान में लेने के बजाए उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिसके चलते अतीक का मनोबल कम होने की बजाए बढ़ता चला गया। अगर पहले ही उस पर सख्ती बरती गई होती तो रियल एस्टेट कारोबारी के साथ घटना नहीं हुई होती। इस प्रकरण में जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय, जेलर मुकेश कुमार कटियार, डिप्टी जेलर देवकांत यादव, हेड वार्डर मुन्ना पांडेय व राकेश को निलंबित किया जा चुका है। साथ ही इनके खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई भी हो चुकी है।

अतीक से पूछताछ को गुजरात भी जाएगी सीबीआइ

बाहुबली अतीक अहमद पर अब सीबीआइ का शिकंजा कसने लगा है। देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी की पिटाई के मामले की सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जांच कर रही सीबीआइ टीम देवरिया में जांच पूरी होने के बाद अतीक से भी पूछताछ करेगी और उसका बयान दर्ज करने के लिए गुजरात जेल भी जाएगी। साथ ही कुछ अन्य लोगों से भी टीम पूछताछ करेगी।

लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई के मामले की जांच देवरिया पहुंच कर सीबीआइ टीम ने शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि देवरिया में तीन से चार दिन तक टीम रह सकती है। यहां की जांच पूरी होने के बाद टीम लखनऊ जाएगी। इसके बाद अतीक का बयान दर्ज करने के बाद सीबीआइ का शिकंजा कस जाएगा।

कैसे डिलीट हो गया सीसीटीवी का फुटेज

देवरिया जेल में अतीक के खौफ का आलम यह था कि डेढ़ वर्ष के अंदर उसकी बैरक तक नहीं बदली गई। इसका नतीजा रहा कि अतीक के इशारे पर रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर जेल में उसकी पिटाई की गई। लेकिन पिटाई का वीडियो फुटेज जेल में डिलीट हो गई। अतीक के बैरक में कैमरा नहीं होने के कारण मारपीट कैद नहीं हो पाई, लेकिन बैरक के बाहर कैंपस में कारोबारी के बेइज्जत करने का वीडियो रिकार्ड हो गया था। लखनऊ में अतीक पर केस दर्ज होते ही उसके इशारे पर फुटेज को डिलीट कर दिया गया, ताकि कोई सबूत न मिल सके। सीबीआइ के जेल पहुंचने के बाद जांच में यह भी एक प्रमुख बिदु है। जेल में पहुंचते ही सीबीआइ ने सबसे पहले इसकी जांच की और अधिकारियों से जानकारी ली।

चार बंदियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

बाहुबली अतीक अहमद और उसके गुर्गो द्वारा जिला जेल में रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल की पिटाई में आधा दर्जन से अधिक बंदी भी शामिल थे। इसका पर्दाफाश लखनऊ पुलिस की जांच में हुआ था। लखनऊ के कृष्णानगर कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद सीओ कृष्णानगर, प्रभारी निरीक्षक ने 31 दिसंबर को जिला जेल में पहुंचकर जांच की थी। सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक व मुलाकात रजिस्टर को कब्जे में लेने के बाद बीते एक माह में अतीक से मिलने वालों की सूची तैयार की थी। पुलिस की जांच में चार बंदियों के नाम भी प्रकाश में आए थे। जिनसे लखनऊ पुलिस ने पूछताछ की थी। सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ की नजर पर वे बंदी भी हैं। जल्द ही सीबीआइ उनसे पूछताछ कर सकती है।

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