घूस लेते गिरफ्तार स्वास्थ्य कर्मी बाबू ने बताया कि 40 फीसद हम लेते थे, जबकि 60 फीसद एडी हेल्थ लेते थे।

0
209

कुशीनगर जनपद के मूल निवासी दिनेश्वर मिश्र नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामलक्षन में लैब सहायक के पद पर तैनात हैं। इनकी बेटी की जुलाई में शादी है। शादी के लिए उन्होंने अपने जीपीएफ से साढ़े सात लाख रुपये लोन के लिए फाइल स्वास्थ्य विभाग में जमा कर दिया। फाइल जब अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गोरखपुर के यहां फाइल पहुंची तो वहां तैनात कनिष्ठ लिपिक नुरुलहोदा ने डेढ़ फीसद के हिसाब से ग्यारह हजार दो सौ रुपये की मांग की।

 

बेटी की शादी की दुहाई देते हुए दिनेश्वर गिड़गिड़ाया तो एक फीसद पर मामला फाइनल हुआ। दिनेश्वर ने पांच हजार रुपये किसी तरह नुरुलहोदा को दिया, लेकिन नुरुलहोदा पूरे रुपये देने के बाद ही कागजात देने की बात कहने लगा। बाबू के इस कृत्य से परेशान दिनेश्वर ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन की टीम से की तो इसकी जांच खुद प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव ने संभाल ली। निर्धारित हुआ कि दिनेश्वर बाबू को सदर रेलवे स्टेशन पर शेष ढाई हजार रुपये देगा और वहीं उसको दबोचा जाएगा।

 

पूरी योजना के तहत टीम तैयार हो गई और गोरखपुर से शाम को ड्यूटी कर सदर रेलवे स्टेशन नुरुलहोदा पहुंचा तो दिनेश्वर ने रंग लगा हुआ नोट बाबू को दिया। जैसे ही बाबू के हाथ में नोट गई, तत्काल टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद वह बचने का प्रयास तो किया, लेकिन टीम ने उसकी एक भी बात नहीं सुनी। प्रभारी निरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर इकाई बब्बन यादव ने कहा कि रंगे हाथ लिपिक को पकड़ लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक ने बब्बन यादव ने कहा कि पूछताछ में बाबू ने कताया कि 40 फीसद हम लेते थे, जबकि 60 फीसद एडी हेल्थ लेते थे। इसके बयान के आधार पर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। हालांकि मुकदमे की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।