इमोशन-एक्शन और एंटरटेनमेंट से भरी है इंडिया-पाक विभाजन थीम बेस्ड ‘भारत’

देवरिया लाईव ■ सलमान खान और कैटरीना कैफ की फिल्म भारत आज देशभर में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को देखने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आपको बता दें यह फिल्म भारत अपनी शूटिंग के समय से ही काफी चर्चा में रही है। सलमान खान की ड्रामा फिल्म ‘भारत’ दक्षिण कोरियाई मेलो ड्रामा ‘ओड टू माय फादर’ पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म शुरुआत से अंत तक कई इमोशन से भरी हुई है। फिल्म की कहानी की मेन थीम भारत-पाकिस्तान पार्टीशन पर है।

कहानी

‘जितने सफेद बाल मेरे सिर और दाढ़ी में हैं, उससे कहीं ज्यादा रंगीन मेरी जिंदगी रही है’ इस डायलॉग के साथ भारत (सलमान खान) का सफर शुरू होता है। 70 वर्षीय भारत अपनी दुकान को बिकने से बचाने के लिए गुडों से लड़ते हैं क्योंकि उस दुकान से उनकी भावनाएं जुड़ी हैं और कुछ कहानी भी। यह कहानी बताने के लिए फिल्म हमें लगभग 60 साल पीछे ले जाती है। फिल्म के शुरुआत में पहले रियल लाइफ से होती है, लेकिन बात फ्लैशबैक स्टोरी की होती है। फिल्म के पहले पार्ट की शुरुआत भारत (सलमान खान) की कहानी पिता (जैकी श्रॉफ) के साथ फ्लैश बैक 1947 से शुरू होती है। बंटवारे के दौरान वह पिता और अपनी छोटी बहन से बिछड़ जाता है। मगर बिछड़ने से पहले भारत ने अपने पिता को वचन देता है कि जब तक उसके पिता वापस नहीं लौटते वह अपनी मां (सोनाली कुलकर्णी), अपनी छोटी बहन और छोटे भाई का ख्याल रखेगा। अब भारत अपने पिता से किए गए वादे को पूरा करते हुए परिवार की जिम्मेदारी उठाता है। अपनी फैमली को जिंदा रखने के लिए भारत एक सर्कस कंपनी ज्वाइन करता है, जहां उसकी मुलाकात राधा (दिशा पटानी) के साथ से होती है। ”भारत” में 1947 से लेकर 2010 तक का समय दिखाया गया है। इस दौरान भारत कई तरह और अलग-अलग तरह नौकरियां करता है। इन्हीं सब के बीच एक बार भारत की मुलाकात कुमुद (कैटरीना कैफ) से होती है, जो कि खुले विचार वाली मजबूत किरदार के रूप में सामने आती हैं। कुमुद भारत को एक नौकरी देती हैं। इसी बीच मुकुद को भारत से प्यार हो जाता है। लेकिन भारत अपने फर्ज को पूरा करने के वासते कुमुद से शादी करने से इंकार कर देता है। ऐसे में कैटरीना हार नहीं मानती और वह सलमान के घर रहने के लिए चली जाती हैं। इस दौरान सलमान-कैटरीना की कैमिस्ट्री फिल्म में देखते बनती है। कुमुद की एंट्री के बाद क्या भारत अपने बिछड़े पिता और छोटी बहन को ढूंढ़ पाएगा? क्या कुमुद के प्यार में पड़कर भारत अपने पिता से किए गए वादे को निभा पाएगा? फिल्म का यही स्पेंस और इमोशन फिल्म की कड़ी को आगे बढ़ता है। भारत और उसके पिता की मिलन दोबारा हुआ या नहीं यह जानने के लिए आपको सिनेमाघर में जाना पड़ेगा।

अभिनय

सलमान खान अपने भारत रोल को निभाने के लिए कई बारीरिकियों पर ध्यान दिया है, जिसमें उन्हें पूरा न्याय किया है। चाहे वह नेवी ऑफिसर हो या सर्कस में काम करने वाला किरदार या फिल्म बुजुर्ग के रूप में आना, सलमान भारत की बहुरंगी रूप में फिल्म में छाए हुए हैं। सलमान ने इमोशन, कॉमिडी और हलके-फुलके ऐक्शन से अपने किरदार को दर्शनीय बनाया है। अब बात कैटरीना कैफ की जाए तो उन्होंने कुमुद के साथ न्याय किया है। दिशा पाटनी का रोल भले ही छोटा है, लेकिन राधा के रोल में एकदम कड़क लगी हैं। जैकी श्राफ, सोनाली कुलकर्णी, बिजेन्द्र काला, सतीश कौशिक, आसिफ शेख अपने किरदारों में सराहनीय हैं। जबकि विलायती के रोल में सुनील ग्रोवर ने बेहद उम्दा काम किया है। निर्देशक ने उन्हें किरदार को निखारने का पूरा मौका दिया है और सुनील ग्रोवर ने उस मौके का भरपूर फायदा उठाया है। सुनील ने जता दिया कि वे हर तरह के इमोशंस को खेलने में माहिर हैं।

निर्देशन

निर्देशक अली अब्बास जफर और सलमान खान की जुगलबंदी अब तक बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है। इस बार यह फिल्म भारत काफी बारिकियों पर उम्दा लगी हैं। लेकिन फिल्म में काफी लंबा होने के कारण आप थोड़ा बोझिल फिल कर सकते हैं, लेकिन फिल्म में एक के एक ट्वीस्ट होने से आपको फिल्म की लंबाई समझ नहीं आएगी। हमने आपको पहले ही बता दिया है कि फिल्म इमोशन से भरी पड़ी है। फिल्म में कई इमोशन लीप हैं, जिन्हें अगर मिस कर दिया तो आपको यह फिल्म अच्छी नहीं लगेगी। इस फिल्म के बाद अली अब्बास जफर एक बार फिर कमाल के निर्देशक साबित होते हैं, उन्होंने फिल्म के हर एक सीन को बड़ी ही बारिकियों के साथ पर्दे पर उकेर कर फिल्म की कहानी, इमोशन और एक्शन-ड्रामा से एंटरटेंन किया है। फिल्म में दिलों को छू लेने वाले डायलॉग्स और सलमान पर फिल्माया गया मौत के कुएं वाला सीन आपके रोंगटे खड़े कर देगा।

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