विकास खंण्ड गौरीबाजार अकटहा के ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव पर शासकीय धन के दुरूपयोग व गमन का लगाया आरोप

देवरिया लाईव ■ देवरिया जनपद गौरी बाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत जंगल अकटहा के रहने वाले रत्नेशवर सिहं पुत्र शिव शंकर सिंह ने जिला अधिकारी महोदय को पत्रक देख कर कई बिंदुओं पर शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया जिसमे ग्राम प्रधान अकटहां व ग्राम सभा के सचिव पर शासकीय धन का दुरूपयोग/गबन का आरोप लगाते हुए बताया कि जांच करने के लिए जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा पत्रांक संख्या 4321/7-प०/स्था०-ग्रा०प०-जंगल अकटहा/2018-019, दिनांक17 फरवरी, 2018 के द्वारा जिला उद्यान अधिकारी देवरिया एवं सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग देवरिया को जांच अधिकारी नामित किया गया जहां जांच अधिकारी द्वारा जांच कर अपनी आंख्या कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी देवरिया के पत्रांक 29-32 दिनांक 13-4-2018 द्वारा जांच आख्या प्रस्तुत किया गया। जांच अधिकारियों द्वारा जांच आख्या का प्रशिक्षण करने पर पाया गया कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत विभिन्न कार्यों में कराए गए विभिन्न कार्यों शासकीय धन राशि का गबन दुरुपयोग ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा किया गया है जिसमें ग्राम पंचायत के अंतर्गत विभिन्न कार्यों में मूल्य रु.130124 मात्र शासकीय धन राशि का गमन ग्राम प्रधान और सचिव और विभागीय मिली मिलीभगत से किया गया है। जिसकी शिकायत जांच अधिकारियों द्वारा करने पर ग्राम प्रधान जंगल अकटहा को कार्यालय के पत्रांक 450/7-प०/स्था०-3/ग्रा०न० जंगल अकटहा/ 2018 दिनांक 04.05.018 को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया। जिस के क्रम में प्रधान अपना स्पष्टीकरण दिनांक 14 मई 2018 प्रधान द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। वही ग्राम प्रधान द्वारा दिए गये जांच आख्या आरोपपत्र एवं प्रधान का स्पष्टीकरण का परिक्षण करने पर प्रधान का दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है।

वहीं प्रधान और सचिव के मिलीभगत से शासकीय धन का अपहरण कर धन का दुरुपयोग किया गया है। घटना कि जानकारी होने पर पंचायत राज अधिकारी ने संज्ञान मे लेते हुए देवरिया के पत्रांक 2153 दिनांक 30 जुलाई 2018 के द्वारा ग्राम प्रधान के स्पष्टीकरण को पुनः जिला उद्यान अधिकारी को प्रेषित कर उनसे प्रकरण में दोषी प्रधान और दोषी सचिव के उत्तरदायित्व को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने हेतु पत्रावली प्रेषित की गई जहां जिला उद्यान अधिकारी देवरिया ने अपने कार्यालय के पत्रांक526/ दिनांक 20.08.018 द्वारा पत्रावली वापस करते हुए उत्तरदायित्व का निर्धारण अपने अस्तर से करने का अनुरोध किया जिसमें जांच आख्या आरोप पत्र एवं प्रधान के स्पष्टीकरण का परीक्षक करने पर पाया गया कि आरोपपत्र के प्रयोग पर में प्रधान का दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है और ग्राम प्रधान सचिव के मिलीभगत से शासकीय धन का अपहरण किया गया है।

इस प्रकार रामचंद्र निषाद ग्राम प्रधान द्वारा सचिव से दूरभि संधि करके राजकीय धनराशि का ₹130124 शासकीय धनराशि का गबन दुरुपयोग कर लिया गया है। संबंधित सचिव एवं ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से ग्राम निधि के खातों का संचालन किया जाता है जहां दोनों लोगों को धन का बंदरबांट गमन के आरोप में कार्यवाही करते हुए नोटिस दिया गया और 18% दंड संयोजित करते हुए उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 यथा संशोधित की धारा 95 व धारा 272 के प्रावधान अनुसार बतौर भू राजस्व की बकाए की भांति वसूली किए जाने के लिए नोटिस दिया गया जिसकी सूचना पंचायत राज अधिकारी देवरिया को इस निर्देश के साथ की जांच में दोषी पाए गए ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के साथ-साथ उन से दुरुपयोग किये गये धन की वसूली  करने का आदेश दिया गया।

इस संदर्भ में जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को सूचना प्रेषित की गई  लेकिन कई महीनों के बीतने के बाद भी अभी तक ग्राम प्रधान जंगल आता विकासखंड गौरी बाजार व ग्राम सचिव के प्रति मुख्य विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई नाही दोषियों से सरकारी धन का वसूली किया गया।

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